Best अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा

अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा

अंटार्कटिका जिसे अक्सर दुनिया का निचला हिस्सा या दक्षिणी ध्रुव भी कहा जाता है यह एक ऐसा विशालकाय और रहस्यमय भुमी है जो अपनी मोटी बर्फ़ की के नीचे अविश्वसनीय और हास्य सम्मेलन में बैठा हुआ है ये बर्फ़ की चादर चार किलोमीटर से भी ज़्यादा गहराई तक पहुँच सकते हैं इतनी गहराई की है कि पाँच वर्ष ख़लीफ़ा की इमारतें एक दूसरे के ऊपर खड़ी हो सकती है यह सालों से जमी हुई महाद्वीप की सिर्फ़ एक बंजर भूमि नहीं है यह एक प्राचीन रहस्य और छिपी हुई जीवन का एक अद्भुत ख़ज़ाना है ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

बर्फ़ के नीचे का जीवन

2022 में कुछ शोधकर्ताओं ने अंटार्कटिका में लार्सन आयीस शेल्फ़ पर अनियमित अलग अलग चिन्हों की जाँच करने के लिए उपग्रह ईमेल ज़री का उपयोग किया हुआ था न कि यह कोच जिन्हें संदेह पैदा किया हुआ है लेकिन 2021 में तस्वीरों में जो दिखाई दिए लेकिन पहले की तस्वीरें में अनुपस्थित थे ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

आगे की खोज करने के लिए वैज्ञानिकों ने भारत में घुसने के लिए एक मर्द बनाया था यह मार्ग एक गरम पानी के ड्रिल और कैमरे का इस्तेमाल करके बनाया हुआ था जो लगभग 500 मीटर की गहराई तक पहुँच गया था उन्होंने जो खोजा हुआ होती है ज़्यादा मानव जाति के लिए आश्चर्यजनक था बर्फ़ के नीचे रही है छिपी हुई नदी थी जिसमें हज़ारों छोटे छोटे जीव मौजूद थी  ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

ये छोटे छोटे जीव आचार्य जनक रूप से सक्रिय थे जिससे किसी दूरदृष्टि और ठंडे वातावरण में उसकी उत्पत्ति और जीविका के बारे में बहुत सारे सवाल उठते रहते हैं वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि विघटित पहुँचोगे पदार्थ और भोजन कर सकते हैं जिससे पता चलता है कि इस गुप्त परिस्थितियों की तंत्र में कभी पौध मौजूद थे ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

 

कहा रहि समुद्र की खोज

अंटार्कटिका की दक्षिणी महासागर पृथ्वी के कुछ सबसे गहरे बिंदुओं का घर भी माना जाता है क्योंकि जिसमें चैलेंजर डिप और ब्राउन सन् डीप भी शामिल है हालाँकि तीसरा सबसे घेरा बिंदू जिसे तो फ़ाइव टू रियल है के नाम से भी जाना जाता है 2019 में खोजा गया था कि मी की गहराई लगभग 7437 मीटर तक इस बिंदु का पत्ता सोनार स्कैनिंग लगने का उपयोग करके लगाया गया हुआ था फिर भी शोधकर्ता इस निर्माण और आस पास के समय से इसकी संबंध के बारे में अभी तक उलझन में ही है ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

विशालकाय जेलीफ़िश का दिखना

वर्ष 2000 बाद इसमें अंटार्टिक राज्य में यात्रा कर रहे एक क्रूज़ जहाज़ और कुछ सवार यात्रियों ने एक विशालकाय जेलीफ़िश मिली हुई थी जिसे बाद में विशालकाय फैंटम जेलीफ़िश के नाम से पहचाना गया था इसकी लंबाई लगभग 33 फ़ीट की थी और इसकी विशेषताएँ है कि यह रह जाती है आमतौर पर 3,500 फ़ीट से भी ज़्यादा गहराई तक रह पाती है इस बात से ही यह पता चलता है कि अंटार्कटिका में समुद्र की सतह पर इसकी मौजूदगी के बारे में मानव की ज़हन में बहुत सारे सवाल उठते रहते हैं ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

प्राचीन वर्षावन साक्ष्य

अंटार्कटिका के बर्फ़ीले जंगल के नीचे शोधकर्ताओं ने 90 मिलियन साल पुरानी प्राचीन वर्षावनों के साक्ष्य भी खोजी हुए हैं बर्फ़ के नीचे जीवाश्म पेड़ और जलते हुए बहुत ही ज़्यादा मात्रा में पाई गई है इससे यह पता चलता है कि अंटार्कटिका उस समय एक हरा भरा परिदृश्य हुआ करता था एक ऐसा समय जब वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड कि उच्च स्तर पर था यह खोज पर तमाम बर्फ़ीले वातावरण कि बिलकुल ही विपरीत है  ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

उल्का पिंड और अलौकिक सुराग़

अंटार्कटिका उल्कापिंडों का एक समुद्र स्त्रोत भी साबित हुआ है जिसमें कई नामों ने मंगल ग्रह से उत्पन्न हुई है ऐसा दिखाई देता है 19,96 में वैज्ञानिकों ने इस उल्कापिंड के भीतर माइक्रो ओर से इसकी खोज करने की घोषणा की हुई थी जो मंगल ग्रह पर पिछले जीवन की संभावना का भी एक बड़ा सुझाव देता है इसलिए मंगल ग्रह के वायुमंडल और ज्वालामुखी गतिविधि में चल रहे शोधों को अच्छी तरह से बढ़ावा देता है ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

प्राचीन बर्फ़ के टुकड़ों कारण रहस्य

दुनिया भर के वैज्ञानिक लंबे समय से अंटार्कटिका की निकली गए बर्फ़ के कोर्से बहुत ही ज़्यादा मोहित थे क्योंकि यू पृथ्वी के वायुमंडल नहीं है इतिहास के समय कैप्सूल के रूप में काम करती रहती थी इन बर्फ़ के कोर में हज़ारों यहाँ तक कि लाखो वर्षों से फँसे हुए हवा के बुलबुले मौजूद हुआ करते थे जो पिछले वायुमंडल स्थितियों का रिकॉर्ड संरक्षण करते रहते हैं इन बुलबुलों के भीतर गैस का विश्लेषण करके शोधकर्ता प्राचीन जलवायु का पुनर्निर्माण कर सकते हैं और भविष्य के जलवायु पैटर्न की भविष्यवाणी भी अच्छी तरह से कर सकते हैं ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

निष्कर्ष 

अंटार्कटिका अन्य वेशन की आख़िरी सीमाओं में से एक है जो रहस्य से भी भरी हुई है जिन्हें उजागर किया जाना अभी भी बाक़ी है छिपे हुए परिस्थिति की तन्त्र और प्राचीन वर्षावनों वर्ष कहे रहे हैं समुद्र के नीचे छुपी हुई हैं रहस्य और आलौकिक सुरंगों को भी उतार मौजूद हो सकते हैं बर्फ़ के नीचे के रहस्य महाद्वीप के समुद्र के इतिहास की एक बहुत ही बड़ी झलक प्रदान करते हैं जैसे जैसे शोधकर्ता इंडिया में हुई भूमि में खोजबीन जारी रखते हैं वैसे वैसे और भी ज़्यादा ख़ुलासे हो रहे हैं हम आने वाले समय में सिर्फ़ कल्पना ही कर सकते हैं कि बर्फ़ के नीचे और क्या क्या इसे अजूबे छुपे हो सकते हैं जो मानव जाति के लिए बहुत ही जाता अविश्वसनीय हो सकते हैं ( अंटार्कटिका के छिपे रहस्यों की खोज बर्फ के नीचे छिपे रहस्यों का खुलासा )

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