Best Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर

Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर

डॉक्टर हेरॉल्ड शिपमेंट की कहानी एक ऐसी कहानी है जो हर किसी को दंग कर देती है एक डॉक्टर जो अपने पेशे का दुरुपयोग करते हुए 500 से भी अधिक लोगों की पूरी तरह से जान ले लेता है यह कहानी न केवल क्रूरता की है बल्कि एक इंतज़ार करती है और यह बताती है कि कैसे एक व्यक्ति की पहचान और पेशे का ग़लत इस्तेमाल किया हुआ है

यूरो वात और पहचान

डॉक्टर ने अपने करियर की शुरुआत इंग्लैंड की हाइट नामक छोटे से क़स्बे में ही हुई थी वहाँ उन्होंने एक सामान्य चिकित्सा के रूप में अच्छा काम किया हुआ था डॉक्टर ने अपने ज़िंदगी में उन लाइसेंस को टारगेट किया हुआ था जो ज़िंदगी में अकेले हैं और वृद्ध है उनके पास ऐसे मरीज़ों की लंबी थी जिनकी मौत पर किसी भी संध्या नहीं होता था ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

मरीज़ों का चयन

शिफ़मैन ने जिन मरीज़ों को टारगेट किया हुआ था उसमें से अधिकतर मरीज़ 80 साल से भी अधिक उम्र की थी और वह उनके साथ समय बिताते है कि उनकी बातें सुनते ही आप ऐसा आभास देती है कि वह उनकी देखभाल करते रहते हैं इसी दौरान वही यहाँ भी जान लेते है कि कौन हमारी का अकेला होता है और उनकी पसंद किया है नापसंद किया है और उनकी संपत्ति कितनी है ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

हत्या करने की तकनीक

डॉक्टर शिव मैंने अपनी मरीज़ों को दवाइयां देकर मारा आ रहा था वह जानती थी कि वृद्ध मरीज़ों की मौत पर किसी का भी संदेह नहीं हो सकता है इसलिए उन्होंने अपने शिकारों को नशा करवाने वाली दवाएँ दिया और उनकी जान ले ली थी ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

पहली गलती

डॉक्टर शिव मेनन को कई वर्षों तक पकड़ा नहीं गया था लेकिन उनकी एक छोटी सी किया बेनक़ाब कर दिया था मार्च98 में डॉक्टर लिंडा रेनोल्ड्स ने शिपमेंट के मरीज़ जो के बीच अधिक मृत्यु दर पर चिंता जतायी हुई थी उनके अनुसार शिव मेनन सोला मरीज़ों की मौत हो चुकी थी जबकि एक अन्य अस्पताल में केवल अन्य अस्पताल में केवल 14 मरीज़ों की मौत हुई थी ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

जाँच और ख़ुलासा

डॉक्टर लिंडा ने अपनी चिंताओं को मैनचेस्टर के कोरोनर के पास के एक रिपोर्ट रूप में प्रस्तुत किया हुआ था इस रिपोर्ट में उन्होंने उल्लेख किया था की शिपमेंट के मरीज़ों की मौत की एक अजीब तरीक़े से हुई गई है कि अधिकांश मरीज़ों की मौत के समय शिप मैं उनके घर पर ही मौजूद थे ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने शुरुआती जाँच की लेकिन उन्हें कोई भी ठोस सबूत मियाद नहीं सकी एक महीने के बाद जाँच बंद कर दी गई थी हालाँकि शिफ़मैन ने तीन और लोगों की हत्या की लेकिन पकड़े जाने का समय दूर नहीं था

वसीयत का रहस्य

एंजेला ने अपनी माँ की वसीयत देखी हुई थी जिसमें से उनके घर का एक हादसा शिप मैन के नाम पर हो चुका था यह देखकर एंजेला को श़क हुआ कि यह वसीयत वास्तव में शिव मिलने की बनायी हुई है ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

अंतिम जाँच और गिरफ़्तारी

पुलिस ने कैटलिन की बॉडी कौन निकालकर ऑटोप्सी के लिए भेज दिया था वहाँ पर ढाया फ़ार्मिंग के उच्च स्तर के ड्रेस मिले हुए हैं इससे यह साबित हुआ किसी मैंने उन्हें जानबूझ कर मार दिया था ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

शिफ़मैन की गिरफ़्तारी

सात सितंबर 1998 को पुलिस ने डॉक्टर हेरॉल्ड अक्षय मैन को गिरफ़्तार कर लिया था उनकी गिरफ़्तारी के बाद उन लोगों ने भी सामने आकर बताया कि उनके प्रियजनों की भी मौत कैसे हुई है

न्याय के प्रतिक्रिया और सज्जा और उनकी मौत

शिफ़मैन के ख़िलाफ़ 15 मामलों में सुनवाई हो चुकी थी जान से यह पाया गया था कि उन्होंने 1975- लेकर98 तक 218 मरीज़ों की हत्या की हुई है अंत में कोर्ट ने शीत मैन को पन्द्रह मौतों का दोषी ठहराया था से अपनी सज़ा से पहले ख़ुद को फाँसी दी थी ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

निष्कर्ष

डॉक्टर हेरॉल्ड शिपमेंट की कहानी एक चेतावनी है यह हमें यह याद दिलाती है कि हमें हमेशा अपनी ज़िंदगी में सतर्क रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले लोग हमारे प्रति ज़िम्मेदार हो ( Ekk galati se pakada gaya : 500 मरीजों को मारने वाला डॉक्टर )

Leave a Comment