Best विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक

विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक

विजय माल्या जिन्हें एक समय पर अच्छे समय के बादशाह के रूप में भी जाना जाता था उनको हमेशा से आलीशान और फ़िज़ूलख़र्ची के प्रति के रूप में जाना जाता था वो हमेशा से आलीशान जीवन जीते आए हैं हालाँकि यही नाम है जो इतिहास की सबसे बड़े धोखा धड़ी के मामलों में हमेशा से गूंजता हुआ आ रहा है ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

विजय माल्या का शुरुआती जीवन

1955 में ये एक धनी परिवार में जन्मे हुए हैं विजय माल्या सम्पन्नता के बीच में पले बढ़े हैं उनके पिता विट्टल माल्या यूनाइटेड ब्रूअरीज़ के निदेशक के रूप में भारत में शराब उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्से को नियंत्रित भी करते थे एक विशेष अधिकार प्राप्त परवरिश ने विजय माल्या को कम उम्र में ही आलीशान जीवन जीने की अनुमति दे दी थी वो अपने बचपन में रिमोट कंट्रोल वाली कारों से खेलते थे जबकि अन्य बच्चे सरन खिलौनों का भी आनंद अच्छी तरह ले सकते थे ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

जो भविष्य में हाई एंड में आटोमोबाइल के प्रति उनकी जुनून का एक अच्छा संकेत देता हुआ था जब वो बड़े हो गये थे तो उनकी रुचियाँ पुरानी कारों और घोड़ों के संग्रह में बदल चुकी थी

पारिवारिक व्यवसाय को संभालना

विजय की जीवन में एक नया मोड़ आ चुका था जब उनके पिता का दिल का दौरा पढ़ने से निधन हो गया था जिसके बाद उन्हें सिर्फ़ 28 साल की उम्र में परिवार के साम्राज्य को संभालना पड़ा था उनकी असाधारण सी जीवनशैली को देखते हुए कई लोगों ने उन कि इतने बड़े व्यवसाय चलाने की क्षमता पर संदेह उठाया था हालाँकि उन्होंने किंगफिशर को सफलतापूर्वक लॉन्च करते हुए सबको ग़लत साबित कर दिया था उन्होंने एक ऐसा ब्रायंट लॉन्च कर दिया था जो भारतीय बीयर बाज़ार पर हावी हो गया था माल्या ने चतुराई से युवा शहरी ग्रहण करने वाले लोगों को उभरती हुई नाइट लाइफ़ संस्कृति का फ़ायदा उठाया जा सका ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

किंगफिशर का उदय

कुछ ही वर्षों में किंगफिशर एक घरेलू नाम बन चुका था पर माल्या की रणनीति में कई इवेंट और विज्ञापन प्रभावित करना शामिल जिसमें मॉडलों की विशेष धवाला प्रसिद्ध किंगफिशर कैलेंडर भी शामिल था उन्नीसौ 90 दशक के अंत तक किंगफिशर भारत में खपत होने वाली सभी बीयर आदि से भी ज़्यादा हिस्सा बेच रहा था माल्या का यह उद्यम केवल बीयर तक कि शामिन रहा उन्होंने 2005 मैं किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत की हुई थी इसका उद्देश्य भारत में हवाई यात्रा में क्रांति लाना था ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

 

किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत

किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत एक शानदार अनुभव था क्योंकि माल्या ने 12 एयर बस ख़रीदी हुई थीं जिससे एक शानदार एयरलाइन बना चुकी थी जिसकी वजह से उन्होंने एक बेहतरीन उठाव का अनुभव करने का वादा किया हुआ था एयरलाइन को एक प्रीमियम सेवा के रूप में लोगों तक पहुंचाया गया था जिसमें स्टाइलिश लाइट अटेंडेंस और स्वादिष्ट भोजन शामिल थे माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस को एक लाइफ़स्टाइल ब्रांड के रूप में देखा हुआ था जिसका उद्देश्य पूर्णत आमिर और यहाँ यात्रियों को आकर्षित करना था जो सिर्फ़ परिवहन से ज़्यादा कुछ चाहती थी ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

धोखा धड़ी पूर्व में वार और दिवालियापन

2012 तक किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई थी और माल्या ने बैंकों से कुल मिला के नौ हज़ार करोड़ अपनी तरफ़ जमा कर रखा था जाच से यह पता चल गया था कि बैंक बैंक से कार्या पाने के लिए उन्होंने झूठे दस्तावेजों के साथ बैंकों को गुमराह किया हुआ था जिसका उपयोग अक्षय हैं शायद संचालन के बजाय व्यक्तिगत ख़ुशहाली के लिए किया जा रहा था ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

विजय माल्या का भविष्य

फ़िलहाल माल्या का भविष्य अनिश्चित बताया हुआ है UK और भारत दोनों ही उनकी क़ानूनी लड़ाई अभी भी जारी है और सबकी उन्होंने समझौते पर बातचीत करने का प्रयास किया हुआ है पर आगे की राह चुनौतियों से भी भरी पड़ी हुई है क्योंकि इसमें शामिल वित्तीय संस्थानों को हुए हुए फंड को वापस पाने के लिए उनके प्रयासों को तेज कर दिया है और जनता दिलचस्पी के साथ सारी चीज़ें देख रही है ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

निष्कर्ष

विजय माल्या की कहानी उतार चढ़ाव की है जो दर्शाता है कि व्यापार की दुनिया में क़िस्मत कितनी जल्दी बदल सकती है सफलता की ऊंचाईयों से बदनामी की गहराई तक उनकी यात्रा व्यावसायिक प्रथाओं में ईमानदारी और ज़िम्मेदारी के महत्व को बहुत ही अच्छी तरह से याद दिलाती है जैसे जैसे यह गाथा आगे बढ़ती है यह महत्वकांक्षाएं और स्थापित व्यवसायियों के लिए सामान हो जाती हैं ( विजय माल्या अच्छे समय के बादशाह से कुख्यात धोखेबाज तक )

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