चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश
चन्द्रमा पर उतरना मानव इतिहास की सबसे बड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी फिर भी आशा भेस और संदेह का विषय बन चुका है अपोलो मिशन का समर्थन करने वाले भी सबूतों के बावजूद कई लोगों ने भी उनकी प्रामाणिकता पर अक्सर सवाल उठाती रहती है
अपोलो मिशन की शुरुआती चुनौतियां
अपोलो 11 मिशन से पहले नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्र ने डर के परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण क्यों अच्छी तरह से सामना करना पड़ा था चंद्रमा पर उतरने से सिर्फ़ 14 महीने पहले आर्मस्ट्रांग एक विनाशकारी आप देशों को शामिल हो चुकी थी जहाँ प्रोटोटाइप सफलतापूर्वक उतरने के लिए विफल हो चुका था सौभाग्य से वह समझ रही थी यहाँ से बाहर निकलने में सफल रहे चुके थे जिसकी वजह से उनकी जान बच्चों की थी इस घटना ने नासा की चंद्रमा पर सफलतापूर्वक करने की क्षमता पर बोहोत ही बड़े पैमाने पर सवाल खड़े किए हैं ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
अपोलो 11 की सफल लैंडिंग के बावजूद भी बहुत सारे सवाल उठाना शुरू कर दिया था नासा एक असफल प्रयास की बात ऐसी उपलब्धि कैसे हासिल कर सकती है चन्द्रमा पर उतरने की विश्वसनीयता के बारे में संदेह करने लग चुके हैं और शीत युद्ध के दौर की यूरो प्रति दिन तथा से और सारी ये बढ़ चुकी थी जहाँ संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी अंतरिक्ष अन्वेषण में सोवियत संबंधों को मात देने का लक्ष्य धारण किया हुआ था
षड्यंत्र के सिद्धांत उड़ान भरते रहते हैं
पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न षड्यंत्र के सिद्धांत बड़े पैमाने पर उभर कर आ चुकी है जो सुझाव देती है कि चंद्रमा पर उतरना नासा और अमेरिकी सरकार द्वारा रची गई 1 धोखा धड़ी है क्योंकि कुछ लोग दावा करती है कि चंद्रमा पर उतरना सोवियत संघ पर एक बहुत ज़रूरी जीत हासिल करने का लक्ष्य बन चुका था जिसने पहले अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हुए थे ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
फ़ोटोग्राफ़िक साक्ष्यों पर बड़े सवाल उठाना
सिद्धांत का आरोप के लिए हमले की प्राथमिक पंक्तियों में से एक चंद्रमा पर उतरने से प्राप्त हुए फ़ोटोग्राफ़िक चीज़ों पर बड़े पैमाने पर सवाल खड़े करना था आलोचक अक्सर चाँद की सतह पर इस्तेमाल किए जाने वाले कैमरों की क्षमताओं पर बहुत ज़्यादा सवाल उठाए गए थे ख़ास तौर पर इस बात की आंतरिक या भारी भरकम स्पेस सूट पहन कर उन्हें कैसे खींच सकता है फोटोग्राफर मारकस एलन ने इस बात पर विश्वास व्यक्त किया कि अंतरिक्ष यानी वहाँ पर बहुत सारी चुनौतियाँ पूर्व परिस्थितियां होती है जहाँ पर जटिल कैमरों से इतनी स्पष्ट तस्वीरें खींच पाना थोड़ा सा मुमकिन नहीं लगता है ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
छाया का खेले यानी प्रकाश का विवाद
चन्द्रमा पर उतरने वाली तस्वीरों में दिखाई देने वाली छायाओं में बहुत सारे सवाल उठाए गए थे वो ऐसा दावा करते हैं कि छाए आयी समांतर नहीं है अब जियो उन्होंने लगाए हुए तरफ़ के अनुसार स्टूडियों में सेटिंग में कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था था का उपयोग करके आप फ़ोटो खिंचवाई गई है ऐसा का मानना है आलोचकों का सुझाव है कि यदि सूर्य यही एकमात्र प्रकाशित होता तो छायाएं पूरी तरह से दिखाई देनी चाहिए थी ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
विशेषज्ञों ने इस दावे को खंडन करते हुए बताया था कि जैसे कि आसमान चंद्र सत्ता और कैमरे के कोण के कारण गैर समांतर दिखाई दे सकती है वह वास्तव में छाया डालने वाली वस्तुओं के सा पैक शब्द प्रकाश ग्रोथ की स्थिति आधार पर अलग अलग हो सकती है ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
अमेरिकी झंडा संदेह का प्रतीक
चाँद पर लगाया गया अमेरिकी झंडा भी षडयंत्र सिद्धां कारों ने एक केन्द्र बिन्दु बन गया था क्योंकि कुछ लोग देखते हैं कि झंडा लहराता हुआ प्रतीत होता है जो कि उनके अनुसार जानते हो कि वातावरण में असंभव है वो लोग ऐसा सवाल करते हैं कि अगर ऐसा प्रभाव पैदा करने के लिए कोई वातावरण नहीं था तो झंडा दोनों तरफ़ ही इतना अच्छी तरह से कैसे प्रकाशित हो सकता है (चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश)
हालाँकि एजेंडे के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री को अगर हम समझ पर इस धारणा को ख़ारिज किया जा सकता है क्योंकि यह झंडा नाइलॉन से बना हुआ था जो प्रकाश को इसके माध्यम से गुज़रने देता है एजेंडे को एक नया डिज़ाइन के साथ बनाया गया था ताकि इसे बनाया जा सके जिसकी वजह से यह लगातार आता हुआ दिखाई दे ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
धुल की दुविधा
कुछ संशयवादी इस बात के प्रमाण के रूप में चंद्र लेटर के नीचे एक महत्वपूर्ण गड्ढे की कमी की ओर इशारा भी करते हुए नज़र आए थे उनका तर्क यह था कि लेटर की शक्तिशाली लैंडिंग से अधिक धूल को विस्तार पीत करना चाहिए था और चंद्रमा की सतह में एक ध्यान देने योग्य इंडेटेशन बनाना चाहिए था पर ऐसा असल में वहाँ नहीं था तो इसकी वजह से ये बहुत सारे सवाल भी उठ रहे थे
इसके अलावा भी चंद्रमा के कम गुरुत्वाकर्षण का मतलब है कि पृथ्वी पर थोड़ी मात्रा मैं थ्रस्ट का भी अलग अलग प्रभाव हो सकता है जाँच पड़ताल से यह पता चलता है कि धूल वास्तव में विस्थापित हो चुकी थी यह एक बड़ा गड्ढा बनाने के लिए पर्याप्त नहीं था ख़ासकर के लेटर की सावधानीपूर्वक लैंडिंग प्रक्रिया को देखते हुए ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )
सितारे कहा है
चंद्रमा पर उतरने के ख़िलाफ़ सबसे लगातार पार्कों में से एक यह भी है कि चंद्रा सतह पर ली गई तस्वीरों में से सितारों की अनुपस्थिति है जो आलोचकों का घर ये है कि अंतरिक्ष यात्री वास्तव में चंद्रमा पर थे तो रात का आग़ाज़ सितारों से भरा होना चाहिए था मगर तस्वीरों में ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा तो सितारे कहा है इस मुद्दे को लेकर भी बहुत सारे सवाल खड़े किए गए थे ( चंद्रमा पर उतरने की साजिश के सिद्धांतों का पर्दाफाश )